‘देश की रक्षा में समर्पित अपने सशस्त्र बलों पर हमें गर्व’, बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी पर बोले पीएम मोदी
नई दिल्ली, 29 जनवरी।
बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि यह समारोह गणतंत्र दिवस के औपचारिक आयोजनों के समापन का प्रतीक है और इसमें भारत की समृद्ध सैन्य विरासत की ताकत देखने को मिलती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “आज शाम बीटिंग रिट्रीट का आयोजन होगा। यह गणतंत्र दिवस समारोहों के समापन का प्रतीक है। इसमें भारत की समृद्ध सैन्य विरासत की शक्ति दिखाई देगी। देश की रक्षा में समर्पित अपने सशस्त्र बलों पर हमें अत्यंत गर्व है।”
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया, जिसमें एक योद्धा के जीवन में विवेक, सम्मान और विजय की भावना पर जोर दिया गया है। उन्होंने लिखा,
“एको बहूनामसि मन्य ईडिता विशं विशं युद्धाय सं शिशाधि।
अकृत्तरुक्त्वया युजा वयं द्युमन्तं घोषं विजयाय कृण्मसि॥”
इस सुभाषित का भावार्थ है— हे वीर, तुम्हारा क्रोध विवेकपूर्ण होना चाहिए। तुम हजारों में एक शूरवीर हो। सम्मान के साथ अपने लोगों को शासन और युद्ध करना सिखाओ। तुम्हारे साथ हम सभी विजय के लिए जयघोष करना चाहते हैं।
गौरतलब है कि बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का आयोजन 29 जनवरी को विजय चौक में भव्य रूप से किया जाएगा। इस विशेष अवसर पर भारतीय सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय वायुसेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बैंड देशभक्ति से ओत-प्रोत और मनमोहक धुनों की प्रस्तुति देंगे।
कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, अन्य केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहेंगे।
हर साल गणतंत्र दिवस के औपचारिक कार्यक्रमों का समापन तीन दिन बाद ‘बीटिंग द रिट्रीट’ समारोह के साथ होता है। यह समारोह सदियों पुरानी सैन्य परंपरा का प्रतीक है, जब सूर्यास्त के समय ‘रिट्रीट’ की ध्वनि बजते ही सैनिक युद्ध रोककर अपने हथियार म्यान में रखते थे और शिविरों की ओर लौट जाते थे।
— कोबरा पोस्ट न्यूज़ (Kobrapost News)
