उबर, ओला और रैपिडो जैसी कंपनियों को टक्कर देने के लिए केंद्र आज लॉन्च करेगा ‘भारत टैक्सी’ ऐप
भारत टैक्सी ऐप लॉन्च: सहकारी मॉडल से कैब इंडस्ट्री में नई चुनौती
सहकारी मॉडल के साथ नई शुरुआत
भारत में राइड-हेलिंग सर्विस सेक्टर लंबे समय से निजी कंपनियों जैसे उबर, ओला और रैपिडो के कब्जे में रहा है, लेकिन अब इस क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्रीय गृह और सहकारी मंत्री अमित शाह द्वारा लॉन्च किया जा रहा “भारत टैक्सी” ऐप देश का पहला सहकारी राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को किफायती यात्रा विकल्प देना और ड्राइवरों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ दिलाना है। ऐप को सहकारिता मंत्रालय द्वारा समर्थित और सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड के माध्यम से संचालित किया जाएगा, जिसमें शुरुआती चरण में जीरो-कमीशन मॉडल लागू होगा।
ड्राइवर-स्वामित्व और पारदर्शी मॉडल
भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म का सबसे बड़ा आकर्षण इसका ड्राइवर-स्वामित्व मॉडल है। प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले ड्राइवरों को “सारथी” कहा जाएगा और शुरुआती चरण में उन्हें सवारी भुगतान का 100 प्रतिशत हिस्सा सीधे मिलेगा। इससे वे निजी ऐप्स की शोषणकारी नीति से बच सकेंगे और अपनी कमाई पर नियंत्रण रख पाएंगे। किराया संरचना भी पारदर्शी है, जिसमें चार किलोमीटर तक की दूरी के लिए 30 रुपए प्रति किलोमीटर, 4-12 किलोमीटर के लिए 23 रुपए प्रति किलोमीटर और 12 किलोमीटर से अधिक के लिए 18 रुपए प्रति किलोमीटर का निर्धारित शुल्क रखा गया है।
तकनीकी और सुरक्षा सुविधाएं
भारत टैक्सी ऐप यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। ऐप में हवाई अड्डों पर समर्पित पिकअप और ड्रॉप जोन बनाने की योजना है और भविष्य में अन्य परिवहन केंद्रों तक विस्तार किया जाएगा। सुरक्षा के लिए इसमें आपातकालीन संपर्क, ऐप के भीतर सायरन और सुरक्षा टीम से तुरंत संपर्क करने की सुविधा दी गई है। साइन-अप प्रक्रिया सरल है, जिसमें केवल मोबाइल नंबर, नाम और ईमेल जैसी बुनियादी जानकारी की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, ऐप को पब्लिक ट्रांजिट सर्विसेज जैसे मेट्रो से जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रियों को एक ही प्लेटफॉर्म पर यात्रा की पूरी सुविधा मिलेगी।
महिला सशक्तिकरण और तेजी से बढ़ती लोकप्रियता
भारत टैक्सी ने महिला ड्राइवरों को प्रोत्साहित करने के लिए भी कई पहलें शुरू की हैं। अब तक 150 से अधिक महिला ड्राइवर इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुकी हैं। पिछले दो दिनों में प्रतिदिन लगभग 40,000 से 45,000 नए यूजर्स ऐप से जुड़े हैं। इस तेजी से बढ़ती लोकप्रियता ने इसे गूगल प्ले स्टोर पर नौवें और एप्पल ऐप स्टोर पर 13वें स्थान तक पहुंचा दिया है। सहकारिता मंत्रालय का मानना है कि यह प्लेटफॉर्म न केवल यात्रियों के लिए सस्ता और सुरक्षित विकल्प साबित होगा, बल्कि ड्राइवरों को भी सम्मान और वित्तीय स्थिरता प्रदान करेगा।
