चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल से 15 आईएएस और 10 आईपीएस अधिकारियों को अन्य राज्यों में एसआईआर के लिए एसआरओ नियुक्त किया
कोलकाता, 28 जनवरी।
भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के 15 इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (आईएएस) और 10 इंडियन पुलिस सर्विस (आईपीएस) अधिकारियों को दूसरे राज्यों में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) अभ्यास के लिए स्पेशल रोल ऑब्जर्वर (एसआरओ) के रूप में नियुक्त किया।
चुनाव आयोग का एक कम्युनिके बुधवार को पश्चिम बंगाल सचिवालय ‘नबन्ना’ में भेजा गया, जिसमें इन अधिकारियों से 5-6 फरवरी को एसआरओ प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए कहा गया। ट्रेनिंग खत्म होने के बाद यह तय किया जाएगा कि उन्हें किस राज्य या राज्यों में एसआरओ के रूप में भेजा जाएगा।
हालांकि, इन अधिकारियों को दूसरे राज्यों में एसआईआर के लिए भेजने को लेकर ईसीआई और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के बीच विवाद खड़ा हो गया है। सूत्रों के अनुसार, आयोग को इन अधिकारियों को चुनने में एकतरफा फैसला लेना पड़ा, क्योंकि राज्य सरकार ने पहले भेजे गए कम्युनिके को जानबूझकर नजरअंदाज किया था।
मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा लगातार तीन कम्युनिके को अनदेखा करने के बाद आयोग को पश्चिम बंगाल के इन अधिकारियों को एसआरओ के रूप में नियुक्त करने का एकतरफा कदम उठाना पड़ा।
पश्चिम बंगाल के 15 आईएएस अधिकारियों की सूची में राज्य के गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीना भी शामिल हैं। तृणमूल कांग्रेस ने सवाल उठाया कि क्या आयोग किसी भी राज्य के गृह सचिव को दूसरे राज्य के लिए एसआरओ के रूप में एकतरफा नियुक्त कर सकता है।
तृणमूल कांग्रेस के राज्य उपाध्यक्ष जयप्रकाश मजूमदार ने कहा कि आयोग का यह कदम भाजपा के इशारे पर किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया, “भाजपा पीछे से इसे नियंत्रित कर रही है। इस साल भारत के पांच राज्यों में चुनाव हैं। जहां चुनाव नहीं हैं, वहां के एसआरओ का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह सब भाजपा की योजना के तहत हो रहा है।”
हालांकि, भाजपा के राज्य उपाध्यक्ष जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने इन आरोपों का खंडन किया और कहा कि एसआरओ की नियुक्ति प्रक्रिया हमेशा सामान्य नियमों के अनुसार की जाती है।
इस घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद को और भड़काया है। ईसीआई के इस कदम के साथ ही राज्य सरकार और विपक्ष के बीच तनातनी और तेज होती दिखाई दे रही है।
— कोबरा पोस्ट न्यूज़ (Kobrapost News)
