वैश्विक स्थिति में स्थिरता लाता है रूस-चीन सहयोग: रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव
बीजिंग: रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि रूस और चीन के बीच लगातार मजबूत होता सहयोग आज की अस्थिर और तनावपूर्ण वैश्विक स्थिति में स्थिरता का एक महत्वपूर्ण स्रोत बनकर उभर रहा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर दोनों देशों का समन्वित रुख न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहा है।
रूसी विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी जानकारी के अनुसार, लावरोव ने मीडिया के सवालों के जवाब देते हुए 2025 में रूस की प्रमुख राजनयिक उपलब्धियों और वैश्विक कूटनीतिक रुझानों पर अपने विचार साझा किए। इसी क्रम में उन्होंने रूस-चीन संबंधों को नए युग की व्यापक रणनीतिक साझेदारी का मजबूत उदाहरण बताया।
ऐतिहासिक भूमिका निभा रहे हैं रूस और चीन
लावरोव ने कहा कि रूस और चीन जिम्मेदार प्रमुख शक्तियों के रूप में और अंतरराष्ट्रीय मामलों में महत्वपूर्ण भागीदार के तौर पर एक विशेष ऐतिहासिक भूमिका निभा रहे हैं। तेजी से बदलती और अशांत होती वैश्विक परिस्थिति में दोनों देशों का सहयोग उन ताकतों के लिए संतुलन का काम कर रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में अस्थिरता पैदा कर रही हैं।
उनका कहना था कि मौजूदा समय में जब भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक अनिश्चितता और क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ रहे हैं, ऐसे में रूस और चीन का साझा दृष्टिकोण वैश्विक स्थिरता के लिए बेहद जरूरी हो गया है।
रणनीतिक साझेदारी का मजबूत आधार
रूसी विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि रूस और चीन के बीच विदेश नीति का समन्वय दोनों देशों की “नए युग के लिए व्यापक रणनीतिक सहयोग साझेदारी” का एक अहम स्तंभ है। यह साझेदारी केवल द्विपक्षीय हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मामलों में संतुलन, निष्पक्षता और बहुपक्षीयता को बढ़ावा देना है।
लावरोव के अनुसार, यह सहयोग अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लोकतंत्रीकरण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है, जहां सभी देशों की आवाज को समान महत्व मिल सके और किसी एक शक्ति का वर्चस्व न हो।
बहुपक्षीय मंचों पर बढ़ता सहयोग
लावरोव ने बताया कि चीन वैश्विक मंच पर रूस का एक प्रमुख और भरोसेमंद साझेदार है। दोनों देश संयुक्त राष्ट्र, शंघाई सहयोग संगठन, ब्रिक्स, जी20 और एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) जैसे प्रमुख बहुपक्षीय ढांचों के भीतर अपने सहयोग को लगातार मजबूत कर रहे हैं।
इन मंचों पर रूस और चीन अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, वैश्विक अर्थव्यवस्था, विकासशील देशों के हितों और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे अहम मुद्दों पर समान या समन्वित रुख अपनाते रहे हैं। लावरोव ने कहा कि इस तरह का सहयोग वैश्विक शासन प्रणाली को अधिक संतुलित और समावेशी बनाने में मदद करता है।
वैश्विक तनाव के दौर में स्थिरता का कारक
रूसी विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आज की दुनिया गंभीर बदलावों के दौर से गुजर रही है। एक ओर जहां कुछ देश एकतरफा नीतियों और दबाव की राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं, वहीं रूस और चीन बहुपक्षीय संवाद, आपसी सम्मान और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन पर आधारित व्यवस्था का समर्थन कर रहे हैं।
उनके अनुसार, यही कारण है कि रूस-चीन सहयोग को अंतरराष्ट्रीय मामलों में एक महत्वपूर्ण स्थिरता कारक के रूप में देखा जा रहा है। यह साझेदारी टकराव के बजाय संवाद और सहयोग को प्राथमिकता देती है।
आर्थिक और राजनीतिक समन्वय
लावरोव ने संकेत दिया कि रूस और चीन के रिश्ते केवल राजनीतिक या कूटनीतिक स्तर तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश आर्थिक, व्यापारिक, ऊर्जा, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्रों में भी अपने सहयोग को गहरा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच दोनों देशों के बीच बढ़ता आर्थिक सहयोग न केवल आपसी विकास को गति दे रहा है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में भी स्थिरता लाने में सहायक हो रहा है।
अंतरराष्ट्रीय संबंधों का लोकतंत्रीकरण
रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि रूस और चीन मिलकर ऐसी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की वकालत कर रहे हैं, जहां फैसले कुछ चुनिंदा देशों द्वारा नहीं, बल्कि व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहमति से लिए जाएं। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लोकतंत्रीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
लावरोव के मुताबिक, यह दृष्टिकोण विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं को भी वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में अधिक भूमिका निभाने का अवसर देता है।
भविष्य को लेकर सकारात्मक संकेत
लावरोव ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में रूस और चीन के संबंध और मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास, सम्मान और दीर्घकालिक रणनीतिक सोच इस साझेदारी को और गहराई प्रदान करेगी।
उनका मानना है कि रूस-चीन सहयोग न केवल दोनों देशों के हितों की रक्षा करेगा, बल्कि वैश्विक शांति, स्थिरता और विकास के लिए भी एक मजबूत आधार बनेगा।
कुल मिलाकर, रूसी विदेश मंत्री के बयान यह संकेत देते हैं कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में रूस और चीन की नजदीकी अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कूटनीति की दिशा को प्रभावित करने में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी।
