विटकॉफ का दावा, रूस, यूक्रेन और अमेरिका 314 कैदियों की अदला-बदली पर राजी
अमेरिका की मध्यस्थता में हुई वार्ता
अबू धाबी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने दावा किया है कि अमेरिका, यूक्रेन और रूस ने 314 कैदियों की अदला-बदली पर सहमति बना ली है। उन्होंने कहा कि यह नतीजा शांति वार्ता से प्राप्त हुआ है, जो विस्तृत और प्रोडक्टिव रही। विटकॉफ ने बताया कि अभी काफी काम बाकी है, लेकिन इस तरह के कदम यह दिखाते हैं कि लगातार कूटनीतिक बातचीत के जरिए ठोस परिणाम सामने आ रहे हैं और यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करने की कोशिशें जारी हैं।
अबू धाबी में बैठक और वार्ता का स्वरूप
अबू धाबी में हुई वार्ता में तीनों प्रतिनिधिमंडल मौजूद थे। वार्ता दो दिन तक चली और इसमें यूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद के प्रमुख रुस्तम उमेरोव ने बताया कि मॉस्को और कीव प्रतिनिधिमंडल के साथ अमेरिकी अधिकारी भी शामिल रहे। पिछले महीने संयुक्त अरब अमीरात में हुई वार्ता में कुछ प्रगति हुई थी, लेकिन प्रमुख मुद्दों पर निर्णायक सफलता नहीं मिल सकी थी। विटकॉफ ने इस बातचीत को ‘सकारात्मक’ करार दिया और कहा कि आने वाले हफ्तों में यूक्रेन वार्ता में और प्रगति की उम्मीद है।
विवादित मुद्दे और शर्तें
वार्ता के दौरान कुछ विवादित मुद्दों पर स्थिति जटिल बनी हुई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा था कि वार्ता एक ही, बहुत विवादित मुद्दे पर अटकी हुई है। क्रेमलिन ने बार-बार कहा है कि किसी भी शांति समझौते के लिए यूक्रेन को पूरे पूर्वी डोनबास इलाके को छोड़ना होगा, जिसमें वे इलाके भी शामिल हैं जो अभी यूक्रेन के नियंत्रण में हैं। कीव ने इन शर्तों को खारिज किया है, हालांकि राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने यह संकेत दिया कि वह दूसरे विकल्पों पर विचार करने को तैयार हैं, जिसमें पूरब के कुछ हिस्सों से यूक्रेनी सैनिकों की वापसी और एक डीमिलिटराइज्ड जोन बनाने का प्रस्ताव शामिल है।
शांति प्रयासों की दिशा और संभावनाएं
विटकॉफ के अनुसार, अमेरिका की मध्यस्थता में हो रही यह वार्ता शांति स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह अदला-बदली और बातचीत लगातार कूटनीतिक प्रयासों का परिणाम है, जो यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की संभावनाओं को बढ़ा रहे हैं। विटकॉफ ने यह भी उल्लेख किया कि वार्ता के सकारात्मक संकेत आने वाले हफ्तों में और अधिक स्पष्ट होंगे, और तीनों पक्ष इस प्रक्रिया के जरिए स्थायी समाधान की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
यह वार्ता यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे संघर्ष को समाप्त करने और क्षेत्र में स्थिरता स्थापित करने की कोशिशों में एक महत्वपूर्ण मोड़ मानी जा रही है। हालाँकि, विवादित मुद्दों और शर्तों के कारण अंतिम समझौते तक पहुंचने में अभी समय और कूटनीतिक परिश्रम की आवश्यकता है, लेकिन 314 कैदियों की अदला-बदली पर सहमति को इस प्रक्रिया में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
