Rudraprayag: The sacred portals of the 11th Jyotirlinga, Shri Kedarnath Dham, ceremoniously open amid Vedic chants and rituals in Rudraprayag on Friday, May 2, 2025. (Photo: IANS)
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा जारी है। इस बार गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। चारधाम यात्रा में अब तक 39 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए हैं, जो एक नया रिकॉर्ड है। उत्तराखंड सरकार में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने इस उपलब्धि के बारे में प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जानकारी दी। उन्होंने कहा, “चारधाम यात्रा के लिए गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम के लिए कुल 47 लाख 27 हजार 619 श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराए हैं। साथ ही हेमकुंड साहिब के लिए 2 लाख, 16 हजार, 960 श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है। चारधाम यात्रा के लिए अब तक 49 लाख, 41 हजार, 527 श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराए हैं।” उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा में इस बार रिकॉर्ड संख्या में तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि अब तक यमुनोत्री धाम में 5 लाख, 73 हजार, 812, गंगोत्री धाम में 6 लाख, 47 हजार, 571, केदारनाथ धाम में 13 लाख, 91 हजार, 348, बदरीनाथ धाम में 11 लाख, 63 हजार, 867, और हेमकुंड साहिब में 2 लाख, 16 हजार, 305 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। कुल मिलाकर, सभी धामों में 39 लाख, 92 हजार, 903 तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। मंत्री सतपाल महाराज ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा, “इस रिकॉर्ड को लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने की योजना है, जिससे उत्तराखंड का नाम इतिहास में दर्ज हो।” पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने हरिद्वार में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाए जाने को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने से इसे लंदन और न्यूयॉर्क जैसे शहरों से जोड़ा जा सकेगा। इससे विशेष रूप से भारतीय मूल के लोग अपने पूर्वजों की अस्थियों को गंगा में प्रवाहित करने के लिए आसानी से हरिद्वार पहुंच सकेंगे। मंत्री ने बताया कि हरिद्वार चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार है, और यहां हवाई अड्डा बनने से तीर्थयात्रियों को सुविधा होगी। इसके लिए दो स्थानों को चिन्हित किया गया है, लेकिन अंतिम निर्णय अभी लिया जाना बाकी है।
