आज से शुरू होगी सरकार की टैक्सी सर्विस ‘भारत टैक्सी’, अमित शाह बोले— ड्राइवर होंगे मालिक
नई दिल्ली, 5 फरवरी।
भारत के पहले सहकारिता-आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म ‘भारत टैक्सी’ का गुरुवार को आधिकारिक शुभारंभ होने जा रहा है। उद्घाटन से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह पहल टैक्सी चालकों के लिए ऐतिहासिक कदम साबित होगी, क्योंकि इससे उन्हें न सिर्फ बेहतर आय मिलेगी बल्कि वे सम्मान के साथ इस प्लेटफॉर्म के मालिक भी बनेंगे।
सहकारिता मॉडल पर आधारित नई शुरुआत
अमित शाह ने सोशल मीडिया पर कहा कि सहकारिता मॉडल छोटे-छोटे निवेश को मिलाकर बड़ी शुरुआत करने की ताकत देता है। उनके अनुसार यह सेवा टैक्सी चालक बहनों और भाइयों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उनकी अपनी सहकारी टैक्सी सेवा है, जो उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाएगी।
सहकारिता मंत्रालय के मुताबिक, यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” विजन के अनुरूप शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करना और नागरिक-केंद्रित मोबिलिटी सेवाओं को बढ़ावा देना है। इस प्लेटफॉर्म में ड्राइवरों को केवल कर्मचारी नहीं बल्कि मालिक के रूप में केंद्र में रखा गया है, जिससे वे एग्रीगेटर आधारित शोषणकारी मॉडलों से मुक्त हो सकें।
‘सारथी ही मालिक’ की अवधारणा
कार्यक्रम के दौरान सहकारिता आधारित मोबिलिटी सिस्टम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छह सारथियों को सम्मानित किया जाएगा। उन्हें शेयर प्रमाणपत्र दिए जाएंगे, जो इस प्लेटफॉर्म के मूल सिद्धांत “सारथी ही मालिक” को मजबूत करते हैं। सम्मानित ड्राइवरों को 5 लाख रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और 5 लाख रुपये का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा भी दिया जाएगा। यह कदम ड्राइवरों की सामाजिक सुरक्षा और दीर्घकालिक कल्याण की दिशा में बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
शून्य कमीशन और सर्ज-फ्री मॉडल
भारत टैक्सी को मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटीज एक्ट 2002 के तहत पंजीकृत किया गया है। इसकी स्थापना 6 जून 2025 को हुई थी। यह प्लेटफॉर्म शून्य कमीशन और सर्ज-फ्री प्राइसिंग मॉडल पर काम करेगा, जिसका मतलब है कि ड्राइवरों की कमाई पर किसी प्रकार का कमीशन नहीं लिया जाएगा और यात्रियों को सर्ज प्राइसिंग का सामना नहीं करना पड़ेगा। इससे होने वाला लाभ सीधे ड्राइवरों में वितरित किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि यह विदेशी निवेश आधारित एग्रीगेटर कंपनियों का स्वदेशी विकल्प बन सकता है और देश के मोबिलिटी सेक्टर में बड़ा बदलाव ला सकता है।
ड्राइवरों के लिए सामाजिक सुरक्षा और सुविधाएं
इस प्लेटफॉर्म में ड्राइवरों को स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, रिटायरमेंट सेविंग और समर्पित सहायता प्रणाली जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। दिल्ली में सात प्रमुख स्थानों पर सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्लेटफॉर्म आपातकालीन सहायता, सत्यापित राइड डेटा और अन्य प्लेटफॉर्म पर काम करने की स्वतंत्रता भी प्रदान करता है।
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए “बाइक दीदी” पहल शुरू की गई है, जिसके तहत अब तक 150 से अधिक महिला ड्राइवर इस सेवा से जुड़ चुकी हैं।
तेजी से बढ़ता प्लेटफॉर्म
स्थापना के बाद से भारत टैक्सी दुनिया का पहला और सबसे बड़ा सहकारिता आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा है। अब तक करीब चार लाख ड्राइवर इससे जुड़ चुके हैं और दस लाख से ज्यादा यूजर्स पंजीकृत हो चुके हैं। लगभग 10 करोड़ रुपये की राशि सीधे ड्राइवरों में वितरित की जा चुकी है।
यह पहल भारत में सहकारिता आधारित अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के साथ-साथ ड्राइवरों को आर्थिक स्वतंत्रता और सम्मान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
