सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी का भारत दौरा शुरू
सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी 5 फरवरी से भारत के पांच दिवसीय राजकीय दौरे पर आ रहे हैं। यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रहा है और 10 फरवरी तक चलेगा। अक्टूबर 2025 में राष्ट्रपति पद संभालने के बाद यह उनका भारत का पहला आधिकारिक दौरा है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और सेशेल्स के राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं, इसलिए इसे दोनों देशों के रिश्तों के लिए एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
उच्चस्तरीय बैठकों का कार्यक्रम
भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इन बैठकों में भारत और सेशेल्स के बीच सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, विकास सहयोग और लोगों के बीच संपर्क जैसे विषय प्रमुख एजेंडा में शामिल रहेंगे।
आर्थिक और व्यावसायिक सहयोग पर जोर
यह यात्रा केवल औपचारिक कूटनीतिक बैठकों तक सीमित नहीं रहेगी। राष्ट्रपति हर्मिनी चेन्नई और मुंबई का भी दौरा करेंगे, जहां वे विभिन्न व्यावसायिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इसका उद्देश्य व्यापार, निवेश और आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा देना है। भारत और सेशेल्स के बीच पर्यटन, ब्लू इकोनॉमी, मत्स्य पालन, इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं, जिन पर इस यात्रा के दौरान विशेष ध्यान दिया जाएगा।
हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक महत्व
विदेश मंत्रालय के अनुसार, सेशेल्स हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का एक महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी है। भारत की ‘विजन महासागर’ (SAGAR – Security and Growth for All in the Region) नीति और ग्लोबल साउथ के प्रति प्रतिबद्धता में सेशेल्स का विशेष स्थान है। हिंद महासागर क्षेत्र वैश्विक व्यापार और समुद्री सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में भारत और सेशेल्स का सहयोग समुद्री सुरक्षा, समुद्री संसाधनों के संरक्षण और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम माना जाता है।
हालिया उच्चस्तरीय संपर्क और कूटनीतिक निरंतरता
राष्ट्रपति हर्मिनी की यह यात्रा अक्टूबर 2025 में भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन की सेशेल्स यात्रा के बाद हो रही है। उस दौरान उपराष्ट्रपति ने राष्ट्रपति हर्मिनी और सेशेल्स के उपराष्ट्रपति सेबेस्टियन पिल्ले से मुलाकात कर द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की थी। दोनों देशों ने हिंद महासागर क्षेत्र और ग्लोबल साउथ में शांति, स्थिरता और समृद्धि के साझा दृष्टिकोण को दोहराया था। यह निरंतर संवाद दोनों देशों के मजबूत रिश्तों को दर्शाता है।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध
भारत और सेशेल्स के संबंध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जन-जन के संपर्क पर आधारित हैं। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध सेशेल्स की स्वतंत्रता के बाद 1976 में स्थापित हुए थे। 29 जून 1976 को सेशेल्स की आजादी के अवसर पर भारतीय नौसेना का जहाज आईएनएस नीलगिरी स्वतंत्रता समारोह में शामिल हुआ था, जो दोनों देशों के शुरुआती सहयोग का प्रतीक है। भारत ने 1979 में विक्टोरिया में अपना मिशन स्थापित किया, जबकि सेशेल्स ने 2008 में नई दिल्ली में अपना स्थायी मिशन खोला।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र
समय के साथ भारत और सेशेल्स के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास सहायता, डिजिटल सहयोग और क्षमता निर्माण जैसे कई क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत हुई है। भारत ने सेशेल्स को विभिन्न विकास परियोजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और तकनीकी सहयोग के माध्यम से लगातार समर्थन दिया है।
