बाजार की सपाट शुरुआत
मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत लगभग सपाट रही। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 60 अंकों की गिरावट के साथ 83,757.54 पर खुला, जबकि निफ्टी मामूली एक अंक की कमजोरी के साथ 25,755 पर खुला। बाजार की यह धीमी शुरुआत निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक संकेतों में अनिश्चितता को दर्शाती है।
किन सेक्टर्स ने बनाया दबाव
बाजार की शुरुआत में सबसे अधिक दबाव मेटल शेयरों पर देखा गया और निफ्टी मेटल इंडेक्स टॉप लूजर रहा। इसके साथ ही डिफेंस, रियल्टी, फार्मा, हेल्थकेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर, कमोडिटीज, सर्विसेज और ऑटो सेक्टर भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे। दूसरी ओर कुछ सेक्टरों ने बाजार को सहारा दिया। ऑयल, एफएमसीजी, मीडिया और आईटी शेयरों में शुरुआती बढ़त दर्ज की गई, जिससे बड़ी गिरावट से बाजार बचा रहा।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कमजोरी
केवल बड़े शेयरों में ही नहीं बल्कि व्यापक बाजार में भी कमजोरी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स लगभग 179 अंक यानी 0.30 प्रतिशत गिरकर 59,504 पर आ गया। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 137 अंक यानी 0.80 प्रतिशत गिरकर 17,070 पर कारोबार कर रहा था। यह संकेत देता है कि निवेशकों का जोखिम लेने का रुख फिलहाल कमजोर बना हुआ है।
सेंसेक्स के गेनर्स और लूजर्स
सेंसेक्स में एचयूएल, इन्फोसिस, ट्रेंट, टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी, एसबीआई और एचसीएल टेक जैसे शेयर बढ़त में रहे। दूसरी तरफ इंडिगो, बीईएल, एलएंडटी, टाटा स्टील, भारती एयरटेल, सन फार्मा, मारुति सुजुकी, एक्सिस बैंक, टाइटन, एशियन पेंट्स, पावर ग्रिड और आईटीसी जैसे प्रमुख शेयर गिरावट में रहे। इससे स्पष्ट है कि बाजार में सेक्टर-विशिष्ट उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
वैश्विक बाजारों का असर
एशियाई बाजारों में भी मिश्रित रुख देखने को मिला। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल के बाजार लाल निशान में थे, जबकि जकार्ता का बाजार हरे निशान में रहा। अमेरिकी शेयर बाजार भी पिछले सत्र में मिलेजुले बंद हुए थे। यही मिश्रित वैश्विक संकेत भारतीय बाजार पर भी असर डालते दिखे।
कमोडिटी बाजार में गिरावट
मेटल शेयरों में बिकवाली का असर कमोडिटी बाजार में भी दिखा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अप्रैल 2026 कॉन्ट्रैक्ट के लिए सोना 1.46 प्रतिशत गिरकर 1,50,813 रुपये पर आ गया। मार्च 2026 कॉन्ट्रैक्ट के लिए चांदी में लगभग 9 प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखी गई और यह 2,44,654 रुपये पर आ गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर सोना 5,000 डॉलर प्रति औंस और चांदी 80 डॉलर प्रति औंस के नीचे फिसल गई।
कच्चे तेल की कीमतों में कमजोरी
तेल बाजार में भी दबाव बना रहा। ब्रेंट क्रूड लगभग 2.16 प्रतिशत गिरकर 68 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 63 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। कच्चे तेल की गिरती कीमतें वैश्विक मांग को लेकर चिंता का संकेत देती हैं।
