असम राइफल्स की बड़ी कार्रवाई: कछार में 60 लाख रुपये की हेरोइन बरामद
कछार, 4 फरवरी।
असम में नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। असम राइफल्स और कछार जिला पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर भारी मात्रा में हेरोइन बरामद की है। बरामद नशीले पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई राज्य में ड्रग तस्करी के खिलाफ जारी सख्त अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।
खुफिया जानकारी के आधार पर चला ऑपरेशन
यह संयुक्त ऑपरेशन 2 फरवरी को अंजाम दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों को पहले से ही ड्रग तस्करी से जुड़ी विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी। इस इनपुट के बाद असम राइफल्स और जिला पुलिस ने मिलकर एक सुनियोजित रणनीति तैयार की और संदिग्ध इलाकों में निगरानी शुरू कर दी।
ऑपरेशन कछार जिले के जिरिघाट बाजार के पास नंदनकानन पुल के आसपास चलाया गया, जो जालिउरा से करीब 8 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है।
तलाशी अभियान में मिले संदिग्ध बक्से
तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को इलाके में 10 संदिग्ध बक्से मिले। जब इन बक्सों की जांच की गई तो उनके अंदर से नशीला पदार्थ बरामद हुआ। जांच में पुष्टि हुई कि इन बक्सों में कुल 116.2 ग्राम हेरोइन छिपाकर रखी गई थी।
सुरक्षा बलों ने तुरंत हेरोइन को जब्त कर लिया और इलाके में सघन जांच अभियान शुरू कर दिया।
अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से जुड़ाव की आशंका
प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि बरामद हेरोइन अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
इसके साथ ही तस्करी के पीछे सक्रिय गिरोह और उनके संपर्कों की पहचान करने की कोशिश भी जारी है।
असम में बढ़ती ड्रग तस्करी पर सख्ती
असम राइफल्स ने कहा है कि यह कार्रवाई क्षेत्र में चल रहे एंटी-नारकोटिक्स अभियान का हिस्सा है। पिछले कुछ वर्षों में पूर्वोत्तर भारत ड्रग तस्करी के लिए संवेदनशील मार्ग के रूप में सामने आया है, जिसके कारण सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क हैं।
बल ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए ड्रग तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
युवाओं को बचाने की बड़ी लड़ाई
विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रग तस्करी सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि समाज के भविष्य से जुड़ा सवाल है। नशीले पदार्थों का अवैध व्यापार युवाओं को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है और सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करता है।
इसी वजह से केंद्र और राज्य की एजेंसियां इस खतरे को खत्म करने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं।
जांच जारी, नेटवर्क की तलाश
बरामद हेरोइन को संबंधित विभागों को सौंप दिया गया है और मामले की जांच जारी है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस तस्करी के पीछे कौन सा नेटवर्क सक्रिय था और इससे जुड़े अन्य लोगों तक कैसे पहुंचा जाए।
यह कार्रवाई एक बार फिर दिखाती है कि सुरक्षा बल नशीले पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहे हैं।
