भारतीय शेयर बाजार में सीमित तेजी, एंथ्रोपिक के ऐलान से आईटी शेयरों पर दबाव
मुंबई, 4 फरवरी। भारतीय शेयर बाजारों में बुधवार सुबह कारोबार की शुरुआत मामूली बढ़त के साथ हुई, हालांकि आईटी शेयरों में तेज गिरावट के चलते बाजार की कुल तेजी सीमित रही। ज्यादातर सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में कारोबार करते दिखे, लेकिन वैश्विक तकनीकी शेयरों में कमजोरी और एआई सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा की चिंताओं ने आईटी शेयरों पर दबाव बनाए रखा।
एंथ्रोपिक द्वारा अपने क्लाउड-आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) चैटबॉट के लिए एक नया लीगल टूल लॉन्च किए जाने के बाद वॉल स्ट्रीट पर सॉफ्टवेयर और टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। इसी के असर से भारतीय आईटी कंपनियों के शेयर भी दबाव में रहे। विशेषज्ञों का कहना है कि एआई से जुड़े बढ़ते कॉम्पिटिशन और मार्जिन पर पड़ने वाले दबाव के चलते निवेशकों की चिंता बढ़ी है।
सेंसेक्स-निफ्टी में हल्की बढ़त
सुबह 9:25 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 44 अंक यानी 0.05 प्रतिशत की बढ़त के साथ 83,783 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि एनएसई निफ्टी 51 अंक या 0.20 प्रतिशत की तेजी के साथ 25,778 के आसपास पहुंच गया। बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव का माहौल बना रहा।
ब्रॉडर मार्केट की बात करें तो निफ्टी मिडकैप 100 में 0.04 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.01 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई, जिससे संकेत मिलता है कि निवेशक फिलहाल बड़े जोखिम लेने से बच रहे हैं।
आईटी और रियल्टी सेक्टर फिसले
सेक्टोरल इंडेक्स में आईटी और रियल्टी सेक्टर को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख इंडेक्स हरे निशान में रहे। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 5.39 प्रतिशत की तेज गिरावट देखने को मिली, जबकि रियल्टी इंडेक्स 0.58 प्रतिशत नीचे कारोबार करता नजर आया।
इसके विपरीत, निफ्टी ऑटो, मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑयल एंड गैस सेक्टर मजबूत प्रदर्शन करते दिखे। निफ्टी ऑटो में 1.12 प्रतिशत, मेटल में 1.38 प्रतिशत, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1.05 प्रतिशत और ऑयल एंड गैस में 1.77 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
एंथ्रोपिक के ऐलान का असर
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, एंथ्रोपिक के नए एआई टूल के लॉन्च ने वैश्विक टेक सेक्टर में प्रतिस्पर्धा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। अमेरिका में सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों में 25 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई, जिसका सीधा असर भारतीय आईटी शेयरों पर भी पड़ा। भारत कई अमेरिकी कंपनियों के लिए एक प्रमुख सॉफ्टवेयर सर्विस प्रोवाइडर है, इसलिए वॉल स्ट्रीट में आईटी शेयरों की चाल का असर घरेलू बाजार पर तेजी से दिखाई देता है।
विश्लेषकों का मानना है कि यूएस-इंडिया ट्रेड डील से शुरू हुई हालिया रैली को बनाए रखना आसान नहीं होगा, खासकर तब जब वैश्विक स्तर पर टेक सेक्टर में अनिश्चितता बनी हुई है।
निफ्टी के अहम टेक्निकल स्तर
तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक, निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 25,550 से 25,600 के दायरे में माना जा रहा है। वहीं, ऊपर की ओर 25,850 से 25,900 का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है। बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक संकेतों और आगामी नीतिगत फैसलों पर निर्भर करेगी।
मॉनेटरी पॉलिसी पर नजर
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि 6 फरवरी को होने वाली भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों में किसी बड़े बदलाव की संभावना कम है। हालांकि, नीति से जुड़े संकेत बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल, ज्यादातर सेक्टर्स में वैल्यूएशन ऊंचे स्तर पर हैं, जिससे लंबी अवधि की तेज रैली के लिए मजबूत फंडामेंटल सपोर्ट की कमी महसूस की जा रही है।
एफआईआई और डीआईआई का रुख
गुरुवार को बाजार में देखी गई हालिया तेजी का एक बड़ा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की शॉर्ट कवरिंग को माना जा रहा है। 3 फरवरी को एफआईआई ने 5,236 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 1,014 करोड़ रुपये का निवेश किया।
विशेषज्ञों का कहना है कि आगे के सत्रों में टेक्सटाइल और परिधान, रत्न एवं आभूषण और मरीन प्रोसेसिंग जैसे सेक्टर्स में गतिविधि देखने को मिल सकती है, जिन्हें अमेरिका को होने वाले निर्यात से लाभ मिलने की उम्मीद है।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों का हाल
एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला। चीन का शंघाई इंडेक्स सपाट रहा, जबकि शेनझेन में 0.88 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। जापान का निक्केई 0.6 प्रतिशत नीचे रहा और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 0.73 प्रतिशत फिसला। इसके विपरीत, दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.72 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
अमेरिकी बाजारों में पिछले सत्र के दौरान उतार-चढ़ाव रहा। नैस्डैक में 1.43 प्रतिशत की गिरावट आई, एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.84 प्रतिशत नीचे बंद हुआ, जबकि डॉव जोन्स में 0.34 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई।
