यूनिसेफ की चेतावनी: अफगानिस्तान में हर साल 37 लाख बच्चे गंभीर कुपोषण का शिकार
काबुल, 28 जनवरी।
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) ने चेतावनी दी है कि अफगानिस्तान इस समय दुनिया के सबसे गंभीर बाल कुपोषण संकटों में से एक का सामना कर रहा है। हर साल करीब 37 लाख अफगान बच्चे गंभीर कुपोषण से प्रभावित हो रहे हैं।
अफगानिस्तान में यूनिसेफ के प्रतिनिधि ताजुद्दीन ओयेवाले ने कुपोषण की रोकथाम और उपचार से जुड़े नए दिशानिर्देशों के शुभारंभ के दौरान इस संकट पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बच्चों की जान बचाने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाना बेहद जरूरी है।
आर्थिक संकट और सूखा बना बड़ा कारण
यूनिसेफ के अनुसार, वर्ष 2021 के बाद से अफगानिस्तान में कुपोषण की स्थिति लगातार बिगड़ती गई है। इसके पीछे आर्थिक पतन, सूखा और मानवीय सहायता के लिए फंड की कमी मुख्य कारण हैं।
विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) ने बताया कि देश के 90 प्रतिशत से अधिक परिवार पर्याप्त भोजन खरीदने में असमर्थ हैं, जिससे बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
नए दिशानिर्देशों से उम्मीद
यूनिसेफ द्वारा जारी संशोधित दिशानिर्देशों में कुपोषण के इलाज और रोकथाम के तरीकों में अहम बदलाव किए गए हैं। इनमें सबसे गंभीर मामलों के लिए जीवन-रक्षक उपायों और छह महीने से कम उम्र के शिशुओं की विशेष देखभाल पर जोर दिया गया है।
शिक्षा संकट भी गहराया
यूनिसेफ ने यह भी चेताया कि अफगानिस्तान में 10 साल की उम्र के 90 प्रतिशत से अधिक बच्चे एक साधारण पाठ भी नहीं पढ़ पा रहे हैं। यूनिसेफ और यूनेस्को की रिपोर्ट के अनुसार, करीब 22 लाख किशोर लड़कियां स्कूल से बाहर हैं। तालिबान के सत्ता में आने के बाद स्कूल बंद होने और शिक्षकों की कमी ने हालात और खराब कर दिए हैं।
यूनिसेफ ने कहा कि यदि समय रहते शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश नहीं किया गया, तो अफगानिस्तान में कुपोषण और अशिक्षा का संकट आने वाले वर्षों में और गहरा सकता है।
— कोबरा पोस्ट न्यूज़ (Kobrapost News)
