मेरे साथ हुआ हादसा कोई जख्म नहीं, एक नई शुरुआत थी: अनु अग्रवाल
मुंबई, 28 जनवरी।
अभिनेत्री अनु अग्रवाल ने कहा है कि उनके जीवन में हुआ भीषण हादसा किसी जख्म की तरह नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत साबित हुआ। साल 1999 में हुए गंभीर कार एक्सीडेंट के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई थी, लेकिन ‘आशिकी गर्ल’ ने इस कठिन दौर को सकारात्मक सोच और आत्मिक मजबूती के साथ पार किया।
‘आशिकी’ फिल्म से रातों-रात स्टार बनीं अनु अग्रवाल उस समय करियर के शिखर पर थीं, जब यह हादसा हुआ। एक्सीडेंट में वह बुरी तरह घायल हो गई थीं और लगभग 29 दिन तक कोमा में रहीं। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए दिन-रात प्रयास किए। चेहरे और जबड़े समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं और लंबे समय तक इलाज चला।
हादसे को बनाया आत्मिक जागरण का रास्ता
इस हादसे के बाद अनु का आधा शरीर लकवाग्रस्त हो गया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने योग, ध्यान और आध्यात्मिकता को अपनाया, जिसने उन्हें न सिर्फ शारीरिक रूप से ठीक किया बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी मजबूत बनाया।
हाल ही में सोशल मीडिया पर अपनी एक तस्वीर साझा करते हुए अनु अग्रवाल ने इस अनुभव को शब्दों में पिरोया। उन्होंने लिखा,
“मैंने योग के बारे में बात की, लेकिन असल में जो मैंने साझा किया, वह एक ऐसी जिंदगी थी जो असर, ठहराव और मौजूदगी से भरी थी। अब पीछे मुड़कर देखती हूं तो साफ दिखता है कि वह हादसा कोई जख्म नहीं था, वह एक शुरुआत थी।”
फिल्मी दुनिया से योग तक का सफर
ठीक होने के बाद अनु अग्रवाल ने फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली और योग टीचर बनने का फैसला किया। आज वह योग के माध्यम से लोगों को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन सिखा रही हैं। इसके साथ ही वह एक फाउंडेशन भी चलाती हैं, जिसके जरिए वंचित बच्चों और महिलाओं को योग सिखाया जाता है।
अनु अग्रवाल ने अपने जीवन संघर्ष और वापसी की कहानी को अपनी आत्मकथा ‘अनयूजवल: मेमोइर ऑफ ए गर्ल हू केम बैक फ्रॉम डेड’ में भी साझा किया है। उनका यह सफर आज कई लोगों के लिए प्रेरणा बन चुका है।
— कोबरा पोस्ट न्यूज़ (Kobrapost News)
