बिहार में कड़ी सुरक्षा के बीच 1762 परीक्षा केंद्रों पर इंटर की परीक्षा शुरू, 13.17 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल
पटना, 2 फरवरी (World No1 News)। बिहार में सोमवार से 12वीं (इंटरमीडिएट) की वार्षिक परीक्षा औपचारिक रूप से शुरू हो गई। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) द्वारा आयोजित इस महत्वपूर्ण परीक्षा में इस वर्ष कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय को मिलाकर कुल 13.17 लाख से अधिक परीक्षार्थी भाग ले रहे हैं। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार और बोर्ड द्वारा व्यापक स्तर पर सुरक्षा एवं निगरानी के इंतजाम किए गए हैं।
परीक्षा के पहले दिन पहली पाली में विज्ञान संकाय के जीव विज्ञान और कला संकाय के दर्शनशास्त्र विषय की परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा 13 फरवरी तक चलेगी और दो पालियों में संपन्न होगी। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से 12:45 बजे तक जबकि दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक निर्धारित की गई है। परीक्षार्थियों को प्रश्न पत्र पढ़ने और समझने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया जा रहा है, जिससे वे बेहतर ढंग से उत्तर लिख सकें।
परीक्षा केंद्रों पर कड़े सुरक्षा इंतजाम
इस वर्ष इंटर परीक्षा के लिए पूरे बिहार में कुल 1762 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर सुबह 8 बजे से ही परीक्षार्थियों का पहुंचना शुरू हो गया था। नकल और अन्य कदाचार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए परीक्षा केंद्रों पर दो चरणों में सघन तलाशी की व्यवस्था की गई है। बिना पूरी जांच के किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है।
परीक्षा केंद्र के 200 मीटर के दायरे में अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परीक्षा प्रक्रिया में बाधा डालने या अनुशासन भंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, ईयरफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।
वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी और निगरानी व्यवस्था
इंटर परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए इस बार प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई जा रही है। सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं, जहां से परीक्षा की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। किसी भी तरह की गड़बड़ी की सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
मॉडल परीक्षा केंद्रों की विशेष व्यवस्था
छात्राओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष विशेष ‘मॉडल परीक्षा केंद्र’ भी स्थापित किए गए हैं। पूरे बिहार में कुल 152 मॉडल परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से चार पटना जिले में स्थित हैं। इन मॉडल केंद्रों पर केवल छात्राएं ही परीक्षा दे रही हैं। खास बात यह है कि इन केंद्रों पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, निरीक्षक और सभी सुरक्षाकर्मी महिलाएं हैं, जिससे छात्राओं को सुरक्षित और सहज वातावरण मिल सके।
परीक्षार्थियों के लिए प्रशासन की अपील
प्रशासन और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचें और अपने साथ केवल प्रवेश पत्र और आवश्यक स्टेशनरी ही लाएं। किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित सामान को साथ लाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों से भी अनुरोध किया गया है कि वे परीक्षा केंद्र के बाहर भीड़ न लगाएं और प्रशासन का सहयोग करें।
शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम
बिहार में इंटर परीक्षा को लेकर किए गए ये कड़े इंतजाम राज्य की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। बीते वर्षों की तुलना में इस बार सुरक्षा, निगरानी और तकनीकी उपायों को और अधिक सख्त किया गया है। इससे न केवल परीक्षा की विश्वसनीयता बढ़ेगी, बल्कि मेहनती और ईमानदार छात्रों को भी बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, बिहार में इंटर परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से शुरू हो चुकी है। आने वाले दिनों में भी प्रशासन और बोर्ड की नजर परीक्षा प्रक्रिया पर बनी रहेगी, ताकि परीक्षा निष्पक्ष और कदाचारमुक्त तरीके से संपन्न कराई जा सके।
