New Delhi: Leader of Opposition in Lok Sabha Rahul Gandhi, Samajwadi Party President Akhilesh Yadav, Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) MP Kanimozhi Karunanidhi, and Rashtriya Janata Dal (RJD) MP Misa Bharti, along with other Opposition MPs, stage a protest at the Parliament's Makar Dwar against the Socio-Economic and Caste Census (SIR) exercise being carried out in Bihar, at the parliament premises in New Delhi on Monday, Tuesday, July 22, 2025. (Photo: IANS/Qamar Sibtain)
मंगलवार को संसद के दोनों सदनों राज्यसभा व लोकसभा में विपक्ष ने अपनी मांग को लेकर नारेबाजी की। विपक्षी सांसद, बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण मामले पर चर्चा चाहते थे। लेकिन इसकी अनुमति न मिलने बाद विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की। इसके चलते राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। यही हाल लोकसभा का भी रहा। दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होने पर भी यह हंगामा जारी रहा। इसके बाद लोकसभा व राज्यसभा दोनों सदनों को बुधवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दिया गया। दरअसल मंगलवार सुबह राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर बाद ही सदन में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने पर विपक्षी सांसदों ने बिहार में मतदाता सूची में हो रहे गहन रिव्यू का मुद्दा उठाया। बिहार वोटर लिस्ट की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मामले पर विपक्षी सांसद सदन में विस्तृत चर्चा चाहते थे। वहीं विपक्ष की तरफ से उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर चर्चा की मांग भी सदन में रखी गई। लेकिन इन सभी मांगों को आसन द्वारा अस्वीकार कर दिया गया। जिसके बाद सदन में हंगामा बढ़ गया और कार्यवाही प्रारंभ होने के महज 4 मिनट बाद ही राज्यसभा की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। बिहार मतदाता सूची में हो रहे गहन रिव्यू के मामले पर कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी व तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सांसदों ने चर्चा के लिए उप सभापति को नोटिस दिया था। यह नोटिस नियम 267 के अंतर्गत दिए गए थे। उप सभापति ने यह नोटिस अस्वीकार कर दिए। इसके बाद विपक्षी सांसद नारेबाजी करते हुए अपने स्थानों से खड़े होकर आगे गए। सदन में बढ़ते इस हंगामे को देखते हुए सदन की कार्रवाई स्थगित कर दी गई। इससे पहले उप सभापति ने सदन को बताया कि उन्हें नियम 267 के तहत चर्चा के लिए कुल 12 नोटिस मिले हैं। इन सभी नोटिसों को अस्वीकार कर दिया गया। बिहार मतदाता सूची रिव्यू मामले में विपक्षी सांसदों सैयद नासिर हुसैन, अखिलेश प्रसाद सिंह, रंजीत रंजन, नीरज डांगी, अशोक सिंह, मनोज कुमार झा और रामजीलाल सुमन आदि ने चर्चा के लिए नोटिस दिए थे। वही विपक्ष के सांसद संतोष कुमार पी. ने उप राष्ट्रपति व राज्यसभा के चेयरमैन जगदीप धनखड़ के अचानक हुए इस्तीफे पर चर्चा की मांग को लेकर नोटिस दिया था। आसन पर आसीन उप सभापति हरिवंश ने नियम 267 को लेकर पुराने निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि इन सभी नोटिसों को अस्वीकार कर दिया गया है। इसके बाद विपक्षी सांसद नाराज होकर नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, आप आम आदमी पार्टी व राष्ट्रीय जनता दल समेत विभिन्न विपक्षी दलों के सांसद नारेबाजी करते हुए अपनी सीटों से उठकर आगे आ गए। ये सांसद राज्यसभा उप सभापति से बिहार मतदाता सूची मामले पर तुरंत चर्चा कराए जाने की मांग कर रहे थे। अपनी मांग को लेकर नाराज सांसद लगातार नारेबाजी करते रहे। हंगामा बढ़ता देख उप सभापति को सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। 12 बजे सदन की कार्यवाही प्रारंभ होने भी हंगामा बना रहा और कुछ ही देर में सदन की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। 2 बजे भी यही स्थिति रही जिसके चलते सदन की कार्यवाही को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। गौरतलब है कि सोमवार रात राज्यसभा के सभापति व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। जगदीप धनखड़ के इस्तीफा देने के उपरांत अब राज्यसभा की कार्यवाही उप सभापति संभाल रहे हैं।
