Gandhinagar: Gujarat Governor Acharya Devvrat addresses students at the third annual convocation ceremony of the National Forensic Sciences University (NFSU)in Gandhinagar on Friday, February 28, 2025. (Photo: IANS)
सीपी राधाकृष्णन के उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद आचार्य देवव्रत महाराष्ट्र के राज्यपाल की जिम्मेदारी निभाएंगे। सीपी राधाकृष्णन ने महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से इस्तीफा दिया है। इस कारण राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को महाराष्ट्र की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी। इस संबंध में राष्ट्रपति के प्रेस सचिव अजय कुमार सिंह ने गुरुवार को आधिकारिक आदेश जारी किया। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, “सीपी राधाकृष्णन के उपराष्ट्रपति चुने जाने के कारण महाराष्ट्र के राज्यपाल का पद छोड़ने के फलस्वरूप भारत के राष्ट्रपति ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को उनके अपने कर्तव्यों के अतिरिक्त महाराष्ट्र के राज्यपाल के कार्यों का निर्वहन करने के लिए नियुक्त किया है।” गुजरात के राज्यपाल के रूप में कार्य करने से पहले आचार्य देवव्रत अगस्त 2015 से जुलाई 2019 तक हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल भी रहे हैं। उन्होंने जुलाई 2019 से गुजरात के राज्यपाल के रूप में कार्य करना शुरू किया। बता दें कि महाराष्ट्र के राज्यपाल रहे सीपी राधाकृष्णन 9 सितंबर को भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचित हुए। सीपी राधाकृष्णन ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार के तौर पर उपराष्ट्रपति चुनाव लड़ा। उन्होंने ‘इंडिया’ ब्लॉक के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी को हराया। सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति चुनाव में 452 वोट मिले। उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद सीपी राधाकृष्णन ने महाराष्ट्र के राज्यपाल का पद छोड़ दिया है, जिसे वे जुलाई 2024 से संभाल रहे थे। सीपी राधाकृष्णन ने महाराष्ट्र में राज्यपाल के तौर पर रमेश बैस की जगह ली थी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को सीपी राधाकृष्णन को भारत के उपराष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सार्वजनिक जीवन में आपके (सीपी राधाकृष्णन) दशकों के समृद्ध अनुभव राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। मैं आपको एक सफल और प्रभावशाली कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देती हूं।” —
