New Delhi: Union Minister Kiren Rijiju addresses a press conference in New Delhi on Thursday, August 21, 2025. (Photo: IANS/Qamar Sibtain)
देशभर में शनिवार को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाया जा रहा है। केंद्रीय अल्पसंख्यक एवं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने देशवासियों को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की शुभकामनाएं दी। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भारत के अंतरिक्ष मिशन के लिए देश के वैज्ञानिकों के प्रति कृतज्ञता प्रकट की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस हमें याद दिलाता है कि साहस और दृढ़ विश्वास से बड़ा कुछ नहीं होता। भारत को आकाश से भी परे चमकाने के लिए हमारे वैज्ञानिकों के प्रति कृतज्ञ हैं।” बता दें कि देश अपना दूसरा ‘राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस’ मना रहा है। यह दिवस 23 अगस्त, 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर इसरो के चंद्रयान-3 मिशन की ऐतिहासिक सॉफ्ट लैंडिंग की याद में मनाया जाता है। इस उपलब्धि के साथ ही भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला पहला देश और चंद्रमा पर सफलतापूर्वक उतरने वाला चौथा देश बन गया। चंद्रयान-3 की सफलता का सम्मान करने और युवा पीढ़ी को भारत की वैज्ञानिक प्रगति पर गर्व करने के लिए प्रेरित करने हेतु 2024 में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाने की शुरुआत की गई थी। राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश भर की कक्षाओं में एनसीईआरटी का नया शैक्षिक मॉड्यूल ‘भारत – एक उभरती अंतरिक्ष शक्ति’ शुरू किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के स्कूल राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के नए शैक्षिक मॉड्यूल ‘भारत – एक उभरती अंतरिक्ष शक्ति’ के शुभारंभ के साथ छात्रों में वैज्ञानिक जिज्ञासा को बढ़ावा देकर भारत की अंतरिक्ष यात्रा में इस महत्वपूर्ण मील के पत्थर को चिह्नित कर रहे हैं। यह मॉड्यूल अंतरिक्ष विज्ञान में भारत की यात्रा को, शुरुआती नवाचारों से लेकर आधुनिक उपलब्धियों तक, प्रदर्शित करने के लिए डिजाइन किया गया है और चंद्रयान, मंगलयान और आगामी गगनयान मिशन जैसे प्रमुख मिशनों पर प्रकाश डालेगा। राज्य के सभी सरकारी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, संयुक्त विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें विज्ञान प्रदर्शनियां, अंतरिक्ष विशेषज्ञों के साथ संवाद सत्र, कक्षा चर्चाएं, और अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत के योगदान पर केंद्रित शैक्षिक सभाएं शामिल हैं। इसका उद्देश्य युवाओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना है, साथ ही देश की उपलब्धियों पर गर्व भी जगाना है। —
