उधमपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, दो आतंकवादी ढेर – इलाके में हाई अलर्ट, केंद्रीय गृह मंत्री भी दौरे पर
उधमपुर, 4 फरवरी।
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के बसंतगढ़ इलाके में बुधवार को सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच जारी मुठभेड़ ने क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अब तक दो आतंकवादी ढेर हो चुके हैं। मुठभेड़ स्थल पर गोलीबारी अभी भी जारी है और आतंकवादियों के शवों की बरामदगी का काम चल रहा है। इस अभियान में सुरक्षा बलों की रणनीतिक तैयारी और सतर्कता ने आतंकवादियों को भारी नुकसान पहुँचाया है।
मुठभेड़ की शुरुआत और ड्रोन निगरानी
मंगलवार देर शाम यह मुठभेड़ तब शुरू हुई जब आतंकवादियों को बसंतगढ़ इलाके में एक गुफा से गोलीबारी करते हुए देखा गया। इस दौरान सुरक्षा बलों ने ड्रोन के माध्यम से आतंकवादियों की लोकेशन का पता लगाया और इलाके को घेर लिया। जॉइंट फोर्सेज ने तत्काल घेराबंदी बढ़ाकर आतंकवादियों को भागने का कोई मौका नहीं दिया।
अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन की मदद से गुफा में आतंकवादियों की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद सुरक्षा बलों ने अपनी रणनीति बदलकर जोखिम कम किया और सटीक कार्रवाई की।
ऑपरेशन में सतर्कता और स्थानीय लोगों को सलाह
सुरक्षा बलों ने इलाके में अतिरिक्त सतर्कता बरती और आसपास के गांवों और मोहल्लों के लोगों को घरों में रहने की सलाह दी। अधिकारी यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि ऑपरेशन के दौरान किसी नागरिक को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने कहा कि पूरे ऑपरेशन को नियंत्रण में रखा गया है और सुरक्षा बल किसी भी अप्रत्याशित स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
आतंकवादियों की सक्रियता और सुरक्षा बलों की चुनौती
उधमपुर, कठुआ, राजौरी, पूंछ और डोडा जिलों में आतंकवादियों की सक्रियता सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। इन जिलों में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी अक्सर सीमा पार से घुसपैठ करते हैं। 8 जनवरी को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई थी, जिसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि आतंकवादियों को तुरंत समाप्त किया जाए और सीमा तथा नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर किसी भी घुसपैठ को रोका जाए।
केंद्रीय गृह मंत्री का तीन दिवसीय दौरा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 5 फरवरी से जम्मू-कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान वह अंतरराष्ट्रीय सीमा का निरीक्षण करेंगे और जम्मू शहर में एक और सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, गृह मंत्री का दौरा सुरक्षा बलों के मनोबल को बढ़ाने और क्षेत्र में हालात का प्रत्यक्ष निरीक्षण करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ऑपरेशन की रणनीति और आगे की कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि इलाके में और आतंकवादी छिपे होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए ऑपरेशन बेहद सावधानी से चलाया जा रहा है। सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी सख्त की है और किसी भी तरह के खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं।
सुरक्षा बल अब आतंकवादियों के संभावित नेटवर्क की पहचान करने और पीछे के सरगठित समूहों तक पहुँचने के लिए जांच कर रहे हैं। इसके तहत इलाके में और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
स्थानीय जनता और सुरक्षा की स्थिति
ऑपरेशन के दौरान स्थानीय लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई है। अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि नागरिक सुरक्षित रहें और किसी तरह की अफरा-तफरी न फैले। सुरक्षा बलों की रणनीति में न केवल आतंकवादियों को ढेर करना, बल्कि इलाके की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा करना भी शामिल है।
आतंकवाद के खिलाफ सतत कार्रवाई
अधिकारियों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों की मौजूदगी एक चुनौती है और इसे समाप्त करने के लिए सुरक्षा बल लगातार सतर्क हैं। उधमपुर में चल रहे इस ऑपरेशन से यह संदेश जाता है कि राज्य और केंद्र सरकार आतंकवादियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर दृढ़ हैं।
सुरक्षा बलों का मानना है कि अगर आतंकवादियों के छिपे हुए नेटवर्क का पता लगाया गया और उन्हें समाप्त किया गया, तो क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा की स्थिति बेहतर होगी।
