आखिरी पल में काई हैवर्ट्ज का गोल, आर्सेनल आठ साल बाद काराबाओ कप फाइनल में पहुंचा
लंदन, 4 फरवरी।
एमिरेट्स स्टेडियम में खेले गए काराबाओ कप सेमीफाइनल के दूसरे चरण में फुटबॉल प्रेमियों को जबरदस्त रोमांच देखने को मिला। आर्सेनल ने चेल्सी को कुल स्कोर 4-2 से हराकर आठ साल बाद एक बार फिर काराबाओ कप के फाइनल में जगह बना ली। मुकाबले का फैसला आखिरी पलों में हुआ, जब सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान में उतरे काई हैवर्ट्ज ने निर्णायक गोल दागकर गनर्स के सपनों को हकीकत में बदल दिया।
पहले चरण की बढ़त बनी जीत की नींव
सेमीफाइनल के पहले चरण में ही आर्सेनल ने चेल्सी पर 3-2 की अहम बढ़त हासिल कर ली थी। उस मुकाबले में विक्टर ग्योकेरेस, बेन व्हाइट और मार्टिन जुबीमेंदी ने शानदार गोल किए थे। इसी बढ़त के साथ आर्सेनल ने दूसरे चरण में कदम रखा और घरेलू मैदान पर आत्मविश्वास से भरी टीम के रूप में खेल शुरू किया।
शुरुआती मिनटों से ही गनर्स ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और मिडफील्ड में चेल्सी को ज्यादा जगह नहीं दी।
चेल्सी की रक्षात्मक रणनीति और आर्सेनल का धैर्य
चेल्सी ने मुकाबले में मजबूत रक्षात्मक रणनीति अपनाई। उन्होंने पांच खिलाड़ियों की बैकलाइन के साथ खेलते हुए आर्सेनल के आक्रमण को रोकने की कोशिश की। मैच के पहले एक घंटे तक दोनों टीमों को बहुत ज्यादा साफ मौके नहीं मिले।
चेल्सी के कोच लियाम रोसेनियर ने खेल का रुख बदलने के लिए एस्तेवाओ और कोल पामर को मैदान में उतारा, ताकि आक्रमण में तेजी लाई जा सके। हालांकि, आर्सेनल की डिफेंस लाइन पूरी तरह सतर्क नजर आई और उन्होंने किसी भी बड़ी गलती से खुद को दूर रखा।
निर्णायक पल: हैवर्ट्ज का ठंडे दिमाग से किया गया गोल
जैसे-जैसे मुकाबला अंतिम मिनटों की ओर बढ़ा, चेल्सी ने गोल की तलाश में खिलाड़ियों को आगे बढ़ाना शुरू किया। इसी आक्रामकता का फायदा आर्सेनल को जवाबी हमले में मिला।
चोट से वापसी कर रहे काई हैवर्ट्ज को सब्स्टीट्यूट के रूप में मैदान में उतारा गया। उन्होंने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए बेहतरीन संयम दिखाया, गोलकीपर रॉबर्ट सांचेज को चकमा दिया और गेंद को जाल में पहुंचा दिया। यह गोल न सिर्फ मैच का निर्णायक पल साबित हुआ, बल्कि आर्सेनल के फाइनल में पहुंचने की मुहर भी बन गया।
आठ साल बाद फाइनल में गनर्स की वापसी
इस जीत के साथ आर्सेनल आठ साल बाद काराबाओ कप के फाइनल में पहुंचा है। पिछली बार गनर्स ने इस टूर्नामेंट का फाइनल 2018 में खेला था। इतने लंबे इंतजार के बाद फाइनल में वापसी करना क्लब और उसके समर्थकों के लिए बेहद खास पल है।
अब फाइनल में आर्सेनल का सामना मैनचेस्टर सिटी या न्यूकैसल यूनाइटेड से होगा। इन दोनों टीमों के बीच सेमीफाइनल का दूसरा चरण बुधवार शाम खेला जाएगा, जिसके बाद फाइनल की तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
मिकेल आर्टेटा की रणनीति की जीत
इस मुकाबले में आर्सेनल के मैनेजर मिकेल आर्टेटा की रणनीति साफ नजर आई। उन्होंने टीम को धैर्य के साथ खेलने का निर्देश दिया और सही समय पर सही बदलाव किए। हैवर्ट्ज को अंतिम क्षणों में उतारना और उनसे निर्णायक गोल मिलना, आर्टेटा की रणनीतिक समझ को दर्शाता है।
आर्सेनल की युवा और अनुभवी खिलाड़ियों की यह संतुलित टीम अब खिताब जीतने के बेहद करीब पहुंच चुकी है।
प्रीमियर लीग पर अब फिर फोकस
काराबाओ कप में इस बड़ी सफलता के बाद आर्सेनल अब एक बार फिर प्रीमियर लीग पर ध्यान लगाएगा। गनर्स अपने घरेलू मैदान एन5 में सदरलैंड के खिलाफ मुकाबला खेलेंगे। इसके बाद 12 फरवरी को टीम वेस्ट लंदन में ब्रेंटफोर्ड के खिलाफ जीटेक कम्युनिटी स्टेडियम में भिड़ेगी।
फाइनल में पहुंचने से टीम का मनोबल काफी ऊंचा है और इसका असर आने वाले लीग मुकाबलों में भी देखने को मिल सकता है।
फैंस में जबरदस्त उत्साह
आखिरी मिनट में मिले गोल ने एमिरेट्स स्टेडियम को जश्न में डुबो दिया। आर्सेनल समर्थकों के लिए यह जीत सिर्फ एक मुकाबला नहीं, बल्कि लंबे इंतजार के बाद मिली उम्मीद है। अब सभी की नजरें फाइनल पर टिकी हैं, जहां गनर्स एक और ट्रॉफी अपने नाम करने की कोशिश करेंगे।
