वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किया आर्थिक सर्वेक्षण 2026
नई दिल्ली, 29 जनवरी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2026 पेश किया। यह दस्तावेज दर्शाता है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और अमेरिका के टैरिफ (शुल्क) के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में बनी हुई है।
आर्थिक सर्वेक्षण में चालू वित्त वर्ष 2025-26 और आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की अनुमानित आर्थिक विकास दर (जीडीपी ग्रोथ) की जानकारी दी गई है। यह बजट से पहले आने वाला एक अहम दस्तावेज है, जो देश की सालभर की आर्थिक स्थिति का सार बताता है और आने वाले समय की संभावनाओं को उजागर करता है।
मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन बाद में आर्थिक सर्वेक्षण 2026 में बताए गए नीतिगत सुधारों के प्रमुख निष्कर्ष समझाएंगे। इसमें रुपए की कीमत में गिरावट, दुनिया में बढ़ता राजनीतिक तनाव और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करने वाली देश की पहली महिला वित्त मंत्री बन गई हैं। उन्होंने इसे देश के संसदीय इतिहास का ऐतिहासिक और गर्व का क्षण बताया।
संसद में 2026 के बजट सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह उपलब्धि देश के संसदीय इतिहास में दर्ज हो गई है और यह सभी के लिए गर्व की बात है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार का 15वां केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह 2024 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के बाद दूसरा पूर्ण बजट होगा।
पिछले लगभग दस वर्षों में भारत ने हर बड़े क्षेत्र में अपनी नींव मजबूत की है। इससे भविष्य में तेज और स्थिर आर्थिक विकास का रास्ता तैयार हुआ है।
संसद का बजट सत्र कुल 65 दिनों में 30 बैठकों के साथ चलेगा। यह सत्र 13 फरवरी को स्थगित होगा और 9 मार्च से दोबारा शुरू होगा, ताकि संसदीय समितियां अलग-अलग मंत्रालयों के खर्च प्रस्तावों की जांच कर सकें।
संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हुआ है और यह दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक निर्धारित है।
— कोबरा पोस्ट न्यूज़ (Kobrapost News)
