परीक्षा पे चर्चा 2026 का नया संदेश
नई दिल्ली, 9 फरवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ के नौवें संस्करण का दूसरा एपिसोड जारी होने जा रहा है। इस एपिसोड के प्रसारण से पहले प्रधानमंत्री ने देश के छात्रों के लिए प्रेरणादायक संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि भारत के विद्यार्थियों में अपार प्रतिभा है और वे अपने सपनों को साकार करने की पूरी क्षमता रखते हैं। उनका यह संदेश छात्रों में आत्मविश्वास जगाने और परीक्षा को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखने के लिए प्रेरित करने वाला माना जा रहा है।
छात्रों की क्षमता पर प्रधानमंत्री का विश्वास
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने संदेश में लिखा कि देश के छात्र अद्भुत प्रतिभा के धनी हैं। उन्होंने कहा कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ का मुख्य उद्देश्य छात्रों को यह समझाना है कि वे अपनी प्रतिभा और कौशल का सही दिशा में उपयोग कैसे करें। यह पहल केवल परीक्षा से जुड़े तनाव को कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों को जीवन के बड़े लक्ष्यों के लिए तैयार करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
उन्होंने इस अवसर पर एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया, जिसमें ज्ञान, तर्क, विज्ञान, स्मरण शक्ति, तत्परता और कार्यशीलता को सफलता की छह महत्वपूर्ण कुंजियां बताया गया। इस श्लोक का संदेश यह है कि जिन लोगों में ये छह गुण होते हैं, उनके लिए कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। यह संदेश विद्यार्थियों को आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
दूसरे एपिसोड में छात्रों से संवाद
‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के दूसरे एपिसोड में प्रधानमंत्री देश के विभिन्न शहरों के छात्रों से बातचीत करते नजर आएंगे। इस एपिसोड में देवमोगरा, कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी और दिल्ली के विद्यार्थियों के साथ संवाद को दिखाया जाएगा। प्रधानमंत्री इस दौरान परीक्षा की तैयारी करते समय आत्मविश्वास बनाए रखने, नियमित दिनचर्या अपनाने और खुद पर विश्वास रखने के बारे में व्यावहारिक सुझाव देंगे।
यह कार्यक्रम छात्रों के लिए केवल भाषण नहीं, बल्कि एक संवाद का मंच है जहां वे अपनी चिंताओं और सवालों को सीधे प्रधानमंत्री के सामने रख सकते हैं। इस तरह का संवाद छात्रों को यह महसूस कराता है कि उनकी चुनौतियों और भावनाओं को गंभीरता से समझा जा रहा है।
कार्यक्रम की लोकप्रियता और बढ़ती भागीदारी
‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई थी और तब से यह हर साल बोर्ड परीक्षाओं से पहले आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य छात्रों के बीच परीक्षा से जुड़े तनाव को कम करना और समग्र शिक्षा के महत्व को बढ़ावा देना है। शिक्षा मंत्रालय इस कार्यक्रम का संचालन करता है और हर वर्ष इसमें भागीदारी लगातार बढ़ती जा रही है।
साल 2025 के संस्करण में 5 करोड़ से अधिक छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों ने भाग लिया था। वहीं 2026 के कार्यक्रम के लिए 4.5 करोड़ से अधिक पंजीकरण हुए हैं। इसके अलावा 2.26 करोड़ से अधिक प्रतिभागी इससे जुड़ी गतिविधियों में शामिल हुए हैं, जिससे कुल भागीदारी 6.76 करोड़ से अधिक पहुंच गई है। यह आंकड़ा इस कार्यक्रम की लोकप्रियता और प्रभाव को दर्शाता है।
इस तरह ‘परीक्षा पे चर्चा’ न केवल एक कार्यक्रम है, बल्कि यह छात्रों के लिए प्रेरणा, मार्गदर्शन और आत्मविश्वास का एक बड़ा मंच बन चुका है।
