छत्तीसगढ़ आरक्षक भर्ती पर हाई कोर्ट की रोक, 6 हजार पदों पर नियुक्तियां स्थगित
बिलासपुर, 28 जनवरी।
छत्तीसगढ़ में आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने 6 हजार पदों पर हो रही आरक्षक भर्ती के तहत नई नियुक्तियों पर अंतरिम रोक लगा दी है।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद अगली सुनवाई तक पुलिस विभाग किसी भी अभ्यर्थी को जॉइनिंग लेटर जारी नहीं कर सकेगा। साथ ही राज्य सरकार को मामले में जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 23 फरवरी को होगी।
शारीरिक दक्षता परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप
याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट को बताया गया कि आरक्षक भर्ती के दौरान आयोजित शारीरिक दक्षता परीक्षा में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया है। इसके समर्थन में बिलासपुर के एसएसपी एवं चयन समिति अध्यक्ष द्वारा 19 दिसंबर 2024 को पुलिस मुख्यालय रायपुर को लिखा गया पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसमें फिजिकल टेस्ट में अनियमितताओं का उल्लेख है।
पूरे प्रदेश में गड़बड़ी की आशंका
याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि भर्ती प्रक्रिया पूरे प्रदेश में एक ही सेंट्रलाइज्ड विज्ञापन और एक ही आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से कराई जा रही है। ऐसे में बिलासपुर की तरह अन्य जिलों में भी गड़बड़ी की आशंका जताई गई है।
अब तक 2,500 नियुक्तियां जारी
कोर्ट को यह भी बताया गया कि 6 हजार पदों में से करीब 2,500 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि यदि आगे नियुक्तियां जारी रहीं तो निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है।
वहीं, शासन की ओर से आरोपों को खारिज करते हुए कहा गया कि शिकायत केवल एक केंद्र तक सीमित है। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए नई नियुक्तियों पर रोक लगाने का आदेश दिया।
— कोबरा पोस्ट न्यूज़ (Kobrapost News)
