New Delhi: Union Minister Jitendra Singh addresses a press conference on the 11-year achievements of the Department of Personnel and Training (DoPT), Department of Administrative Reforms and Public Grievances (DARPG), and Department of Pension and Pensioners’ Welfare at the National Media Centre in New Delhi, Wednesday, June 18, 2025. (Photo: IANS/Qamar Sibtain)
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकताओं में जम्मू-कश्मीर का उधमपुर क्षेत्र हमेशा अहम रहा है। इसी क्रम में रेलवे स्टेशन का नामकरण ‘शहीद कैप्टन तुषार महाजन’ (एमसीटीएम) के नाम पर किया गया है, जो इस मिट्टी के बहादुर सपूत थे। हालांकि, उन्होंने बताया कि कंप्यूटराइज्ड टिकटिंग प्रोग्राम में तकनीकी त्रुटि के चलते गंतव्य स्थल ‘उधमपुर’ का नाम स्वतः ही छूट गया। इस गलती पर तुरंत ध्यान दिलाने के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के व्यक्तिगत हस्तक्षेप से सुधार प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही टिकटों पर ‘उधमपुर’ का नाम भी सही तरीके से प्रदर्शित होगा। जितेंद्र सिंह ने एक्स पोस्ट में लिखा, “हमारे अनुरोध पर, उधमपुर रेलवे स्टेशन का नाम इस धरती के वीर सपूत ‘शहीद कैप्टन तुषार महाजन’ (एमसीटीएम) के नाम पर रखा गया। इस निर्णय ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस क्षेत्र को दी जाने वाली उच्च प्राथमिकता को दर्शाया है। हालांकि, कम्प्यूटरीकृत टिकटिंग कार्यक्रम में गंतव्य का नाम ‘उधमपुर’ डिफॉल्ट रूप से छूट गया था, लेकिन मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के व्यक्तिगत हस्तक्षेप से इस त्रुटि को सुधारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही टिकटिंग प्रक्रिया में ‘उधमपुर’ का उल्लेख होने के साथ यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।” उन्होंने आगे लिखा, “इस बीच, उधमपुर के लिए एक और अच्छी खबर… यह हवाई अड्डा बहुत जल्द नागरिक उड़ानों का संचालन शुरू करेगा और इसके लिए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।” बता दें कि 21 फरवरी 2016 को जम्मू-कश्मीर के पम्पोर में शहीद कैप्टन तुषार महाजन ने आतंकवादियों से डटकर मुकाबला किया था। आतंकियों से घिरने के बावजूद, उन्होंने बहादुरी से आतंकियों को मार गिराया और अपनी टीम को सुरक्षित निकाला। इस दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बाद अस्पताल में वे वीरगति को प्राप्त हुए। मरणोपरांत उन्हें ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित किया गया। उनकी वीरता देश के लिए प्रेरणा है। —
