Mumbai: People walk past a screen showing stock market goes down outside BSE building at Dalal Street after the counting of votes for Lok Sabha polls, in Mumbai on Tuesday, June 4, 2024. (Photo: Nitin Lawate/IANS)
भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी अहम होने वाला है। अमेरिका में ब्याज दरों में कमी, भारत-अमेरिका ट्रेड डील और एफआईआई डेटा से बाजार की चाल तय होगी। अगले हफ्ते अमेरिकी फेड की बैठक प्रस्तावित है। बाजार के जानकारों के मुताबिक, इस बैठक में 25 आधार अंक की कटौती हो सकती है। वहीं, अगर ब्याज दरों में कटौती 50 आधार अंक की होती है तो यह बाजार के लिए सरप्राइज होगा। इससे अमेरिकी बाजारों में तेजी को सपोर्ट मिल सकता है और इसका प्रभाव दुनिया के बाजारों में देखने को मिल सकता है। इसके अलावा भारत-अमेरिका और भारत-ईयू ट्रेड डील को लेकर नया अपटेड भी घरेलू शेयर बाजारों के लिए अहम होगा। बीते हफ्ते केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत जारी है। पहला चरण नवंबर तक फाइनल हो सकता है। वहीं, भारत-ईयू ट्रेड डील पर केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि बातचीत एडवांस स्तर पर चल रही है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की चाल बाजार के लिए काफी अहम होगी। बीते पांच कारोबारी सत्रों में से एफआईआई ने दो सत्रों में खरीदारी की। शुक्रवार के सत्र में विदेशी निवेशकों ने 129.58 करोड़ रुपए का निवेश किया था, जो दिखाता है कि एफआईआई रुझान धीरे-धीरे सकारात्मक हो रहा है। भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता हफ्ता काफी अच्छा रहा। इस दौरान निफ्टी 373 अंक या 1.51 प्रतिशत बढ़कर 25,114 और सेंसेक्स 1,193.94 अंक या 1.48 प्रतिशत बढ़कर 81,904.70 पर बंद हुआ। 8-12 सितंबर के कारोबारी सत्र में बाजार के ज्यादातर सेक्टर ने सकारात्मक रिटर्न दिया। निफ्टी ऑटो (2.07 प्रतिशत), निफ्टी आईटी (4.26 प्रतिशत), निफ्टी पीएसयू बैंक (2.94 प्रतिशत), निफ्टी पीएसई (2.70 प्रतिशत), निफ्टी हेल्थकेयर (1.79 प्रतिशत) और निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स (7.00 प्रतिशत) में बढ़त देखी गई। इस दौरान मिडकैप और स्मॉलकैप का रिटर्न भी सकारात्मक रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,152 अंक या 2.02 प्रतिशत की तेजी के साथ 58,227.20 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 334.65 अंक या 1.90 प्रतिशत की मजबूती के साथ 17,989.90 अंक पर था।
