Siwan: Bihar Chief Minister Nitish Kumar during a party workers’ meeting at Panchrukhi in Siwan district, Sunday, September 7, 2025. (IANS)
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने युवाओं को सशक्त बनाने और रोजगार प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने ‘मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना’ का विस्तार करने का निर्णय लिया है। इसकी जानकारी सीएम नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को एक्स पर लिखा, “नवंबर 2005 में नई सरकार बनने के बाद से ही अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देना तथा उन्हें सशक्त और सक्षम बनाना हम लोगों की प्राथमिकता रही है। आप अवगत हैं कि अगले पांच साल में एक करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आने वाले समय में सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में नौकरी एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इस निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे नौकरी या रोजगार प्राप्त कर सकें।” ‘मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना’ के विस्तार का ऐलान करते हुए उन्होंने कहा, “मुझे बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि राज्य सरकार के सात निश्चय कार्यक्रम अंतगर्त पूर्व से संचालित ‘मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना’ का विस्तार किया गया है। इसके अंतर्गत इंटर पास युवक और युवतियों को पहले से दी जा रही ‘स्वयं सहायता भत्ता योजना’ का लाभ अब कला, विज्ञान एवं वाणिज्य उत्तीर्ण स्नातक बेरोजगार युवक या युवतियों को भी दिए जाने का निर्णय लिया गया है। 20-25 आयु वर्ग के वैसे स्नातक उत्तीर्ण युवक या युवतियां जो कहीं अध्ययनरत नहीं हैं, तथा नौकरी या रोजगार के लिए प्रयास कर रहे हैं, उनका कोई स्वरोजगार नहीं है अथवा सरकारी, निजी, गैर सरकारी नियोजन प्राप्त नहीं है, को भी 1,000 रुपए प्रतिमाह की दर से अधिकतम दो वर्षों तक ‘मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता’ का भुगतान किया जाएगा। मुझे उम्मीद है कि इस सहायता भत्ता का उपयोग युवक या युवतियां आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त करने तथा प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारियों में करेंगे ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।” मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार की इस दूरदर्शी पहल का उद्देश्य है कि राज्य के युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर मिलें। यहां के शिक्षित युवा आत्मनिर्भर, दक्ष और रोजगारोन्मुखी बनें और देश एवं राज्य के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।”
